'अमेरिका और इजरायल को पछताने पर मजबूर कर देंगे', ईरानी सेना की ट्रंप को खुली धमकी, किया आर-पार का ऐलान
Updated on
28-02-2026 05:05 PM
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के हमले की निंदा करते हुए ईरान ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ईरान ने इजरायल के हमले के कुछ घंटे के अंदर ही मिसाइलों से जवाबी हमला शुरू करते हुए लंबी और आर-पार की लड़ने का संकेत दिया है। ईरान ने कहा है कि उसकी आर्म्ड फोर्स हमलावरों (अमेरिका-इजरायल) को उनके किए पर पछतावे के लिए मजबूर करने को पूरी तरह तैयार हैं। ईरानी सेना ने भी कहा है कि इस लड़ाई को अब वह अंजाम तक पहुंचाएंगे।ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से इजरायल और अमेरिका के शनिवार सुबह हुए हमले के बाद बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि आज सुबह इजरायली हमलों ने देश की एकता और राष्ट्रीय संप्रभुता को निशाना बनाया है। हमलों में अलग-अलग शहरों में डिफेंसिव इंफ्रास्ट्रक्चर और नॉन-मिलिट्री साइट को निशाना बनाया गया है।
हमलों का जवाब देना हमारा हक: ईरान
ईरानी मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के खिलाफ यूएस और इजरायल नया मिलिट्री हमला इंटरनेशनल कानून और यूनाइटेड नेशंस चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है। ईरान इस हमले को इंटरनेशनल शांति और सुरक्षा का साफ उल्लंघन मानता है। हम साफ करते हैं कि तेहरान निर्णायक जवाब देने का अपना कानूनी अधिकार रखता है।तेहरान ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने हमेशा तनाव रोकने और इलाके की स्थिरता बनाए रखने के लिए सब्र दिखाया है। हमने संयम दिखाया लेकिन अब फोर्स देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और हमलावरों को उनके किए पर पछतावा कराएगी। ईरान आत्मरक्षा के अधिकार के यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपना बचाव करेगा। ईरानी आर्मी ने भी दिया बयान
ईरानी सेना ने कहा कि वह इजरायल और अमेरिका को ऐतिहासिक सबक सिखाएगी। ईरान के आर्म्ड फोर्स स्पोक्सपर्सन जनरल अबोलफजल शेखरची ने कहा, 'हम कह चुके हैं कि इलाके में कोई भी बेस अगर इजरायल की मदद करेगा तो हम उसे टारगेट करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाएंगे।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उनका मिलिट्री ऑपरेशन दुश्मन को पूरी तरह हराने तक जारी रहेगा। IRGC का दावा है कि मिडिल ईस्ट में इजरायली और अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों पर शक्तिशाली हमला किया गया है और यह ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।